ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के खिलाफ दलीलें पेश कर रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपाती व्यवहार का आरोप लगाया है और दावा किया कि मतदाता सूची में कई गलतियाँ हो रही हैं।
SIR प्रक्रिया के नाम पर वोटर लिस्ट अपडेट को बंगाल को टारगेट करने वाला कदम बताया जा रहा है, और ये मामला लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जा रहा है।
ममता ने कहा है कि उन्हें “न्याय नहीं मिल रहा, न्याय रो रहा है” और कोर्ट से वोटर रोल के मुद्दों पर निष्पक्ष फैसला मांग रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है और सुनवाई जारी है।
📍 राजनीतिक और कानूनी मोर्चे
ममता बनर्जी सबूत के साथ सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ खुद केस लड़ रही हैं, जो एक असामान्य लेकिन जोरदार कदम माना जा रहा है।
वह यह दलील दे रही हैं कि Bengal के कई वोटर्स को गलत तरीके से मृत लिख दिया गया है, जिससे उनके मतदान अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
पिछले कुछ संदर्भ (हालिया खबरें)
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करने का ऐलान किया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके।
SIR प्रक्रिया को लेकर मतदाता सूची के ‘पीड़ितों’ को बचाव का अवसर नहीं मिलने के आरोप भी ममता ने लगाए हैं। �


