KNOWLEDGE : पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार या अपमान: जानिए आपके अधिकार और कानूनी रास्ते

 


यदि किसी नागरिक के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी या अवैध दबाव बनाया जाता है, तो अब भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई का प्रावधान है।


⚖️ BNS के तहत किन धाराओं में कार्रवाई हो सकती है

पुलिस अधिकारी के खिलाफ निम्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कराया जा सकता है:

  • BNS धारा 115 – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना

  • BNS धारा 352 – जानबूझकर अपमान, जिससे शांति भंग हो

  • BNS धारा 351 – आपराधिक धमकी

  • BNS धारा 117 – स्वीकारोक्ति या जानकारी निकलवाने के लिए चोट पहुँचाना

👉 ये धाराएं पहले IPC में थीं, जिन्हें अब BNS ने पूरी तरह से प्रतिस्थापित कर दिया है।


🚨 अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती तो क्या करें?

यदि थाने में आपकी शिकायत नहीं लिखी जाती है, तो:

  • BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 173(4) के तहत
    आप मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन देकर FIR दर्ज कराने का आदेश ले सकते हैं।

  • इसके अलावा, BNS धारा 198 के तहत
    ड्यूटी में लापरवाही या शिकायत दर्ज न करने पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा सकती है।


📝 पुलिस के खिलाफ शिकायत करने के मुख्य तरीके

1️⃣ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत

जिले के SP/SSP या राज्य के DGP को लिखित शिकायत दें।

2️⃣ मजिस्ट्रेट के माध्यम से

BNSS की धारा 173(4) के अंतर्गत कोर्ट में आवेदन करें।

3️⃣ मानवाधिकार आयोग

राज्य या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पुलिस उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करें।

4️⃣ ऑनलाइन शिकायत

केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।


शिकायत में क्या-क्या ज़रूर शामिल करें

  • घटना की तारीख, समय और स्थान

  • संबंधित पुलिस अधिकारी का नाम / बैज नंबर

  • गवाहों का विवरण

  • मेडिकल रिपोर्ट, फोटो, वीडियो या अन्य सबूत


✍️ निष्कर्ष

अब पुलिस की मनमानी पर कानून और भी स्पष्ट व सख़्त हो चुका है।
BNS और BNSS नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
अपने अधिकार जानें, डरें नहीं — कानून आपके साथ है।

— RKNEWS24 विशेष रिपोर्ट